Meri Kalam

Monday, January 19, 2015


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कवितायें

  • यारो! हम न मरे
  • सोया रहा मैं कई जन्मों से
  • ओ मुनि ! तुम कहाँ चले ?
  • नाव चलि मजधार
  • ओ मय्या मोरी,
  • मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
  • कोई है ? जो मेरा सुने!
  • हे साथी! यह जग मन का है
  • ये दुनिया है खबरी, दे खबर मेरे यार की..
  • ढलता हुआ सुरज....
  • ना जाने कौनसी घड़ी
  • सदगुरु तू ही है गती मेरा
  • मैं तेरा, तू ही है मेरा
  • तुम्हे छोड कर, यूँ ना भुल जाऊँ
  • मेरे बापू मैं तुमको शत शत करुँ वंदन...
  • मेरे गुरु का पताका लहरायेगा
  • तुम्हे छोड कर
  • बापू !तेरे नज़रों को
  • हे तम के नाशक ! हे प्रभो !
  • हमें तेरे चरणों का निशा मिल गया है
  • क्यों उदास हूँ मैं
  • मेरा ही नित नई चेहरा है
  • वैराग्य
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