मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।
हरि तेरा हाथ,
तू ही सदा साथ।
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
जीवन की पग-पग में,
अनुभव की हर पल में,
है तेरा हाथ,
तू ही सदा साथ।
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
हमारी हर आचरण में,
मन की हर धारण में,
प्रभू तेरा हाथ,
पाऊँ तेरा साथ।
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
माँ की प्यारी पालन में,
पिता की कठोर शासन में,
मिला तेरा हाथ,
रहा सदा साथ।
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
खुशीयों में गमियों में,
मेरी हर कमियों में,
थामा मेरा हाथ,
निभाया सदा साथ।
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
जीवन भले ढल जायें,
तन मिट्टी में मिल जायें,
जब है तेरा हाथ,
भरोसा मेरे साथ,
मैं चाहूँ तो भी ना छोड़ू,
हरि तेरा हाथ।।
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