मैं तेरा, तू ही है मेरा

मैं तेरा, तू ही है मेरा,
तेरे बिन सब है अंधेरा ।

तू पूरा, ओ मेरे सतगुरा,
तेरे बिन मैं हूँ अधूरा ।।

सतगुरा, तू ही है बसेरा,
मेरे अंतर का आधारा ।।

यह जग, मन का झमेरा,
अंधियारी बहुत घनेरा ।।

तू समर्थ, अती बलवाना,
पार ब्रह्म पूर्ण प्रकाशा ।।

तेरी गत, बेद न जाना,

तुझ पे दास सदा कुरबाना ।।

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