सदगुरु तू ही है गती मेरा

सदगुरु तू ही है गती मेरा,
तुम बिन नही है सवेरा ।

तुम जानते हो मेरे अंतर को,
है कितना ताकत है मेरा ।

तुम्ही मेरे हो नर्बल के बल,
तुम बिन नहीं कोई मेरा ।

अब कहाँ जाऊँ तुम्हे छोड हे प्रभु !

न जानु सिवा कुछ तेरा ।

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